Made relations with more than 150 people, told Saint Premanand Maharaj that now I am very sad, what should I do | संत प्रेमानंद महाराज से युवक बोला- समलैंगिक हूं: 150 से ज्यादा पुरुषों से संबंध बनाए; अब बेचैनी हो रही, क्या करूं? मिला जवाब – Mathura News

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‘मैं समलैंगिक हूं। अब तक 150 से ज्यादा पुरुषों के साथ संबंध बन चुका हूं। अब मुझे बेचैनी हो रही है। मन अंदर से बहुत परेशान है। अब ऐसा क्या करूं कि मन को शांति मिले?’

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यह सवाल वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से एक युवक ने किया। युवक प्रेमानंद महाराज के आश्रम में होने वाले सत्संग में मंगलवार को पहुंचा था। वीडियो आज बुधवार को सामने आया। युवक ने संत प्रेमानंद से सुझाव मांगा।

संत प्रेमानंद महाराज ने कहा- हमें ये लगता है कि तुम्हारे ऊपर भगवान की विशेष कृपा है। त्रिभुवन में जब-जब जहां-जहां जिसने साधना की है, तो उसको स्त्री से मुंह की खानी पड़ी है। शास्त्रों में इसका बहुत वर्णन है। तुम्हारा स्त्री की तरफ स्वाभाविक आकर्षण नहीं है। थोड़ा विवेक से सोचो…आपने ऐसा किया तो क्या मिला आपको?

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में उपस्थित लोग उनके प्रवचन सुनते हुए।

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में उपस्थित लोग उनके प्रवचन सुनते हुए।

प्रेमानंद महाराज बोले- संत से कोई बात छुपाते नहीं हैं संत प्रेमानंद महाराज का दर्शन करने पहुंचे युवक ने अपना सवाल लिख कर दिया था। जिसे आश्रम के सेवादार ने प्रेमानंद महाराज के सामने रखा। जब यह सवाल किया जा रहा था तो वह युवक झिझक महसूस कर रहा था।

उसकी मनोदशा देखकर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा- छुपाने या शर्माने का विषय नहीं है। जैसे आप डॉक्टर के पास जाते हो हर कमी बताते हो, ऐसे ही संत सदगुरुदेव के सामने अपनी बात रख सकते हैं। खुल कर बात करो, जैसे दोस्त करते हैं।

थोड़ा विवेक से सोच कर बताओ क्या रिजल्ट मिला आपको? इस पर युवक कहता है कि केवल डर मिला और चिंता मिली। संत प्रेमानंद महाराज कहते हैं- आप भगवान नाम स्मरण करें। इसे कंट्रोल करें। बहुत उत्तम मनुष्य बन सकते हैं। क्योंकि, व्यभिचार पारायण जीव है, वह न अपना और न ही दूसरों का कल्याण कर सकता है।

संत प्रेमानंद महाराज की बातें सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

संत प्रेमानंद महाराज की बातें सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

काम भोग सृष्टि क्रम को बढ़ाने के लिए रखा है संत प्रेमानंद महाराज कहते हैं- जो सृष्टि में काम भोग रखा गया है। यह सृष्टि को बढ़ाने के लिए रखा गया है। स्त्री और पुरुष का संयोग विधान है। वह संतान प्राप्ति के लिए है, न कि केवल मनोरंजन के लिए। संत प्रेमानंद महाराज ने युवक से कहा- आप थोड़ा विचारवान बनकर, अध्यात्म की शरण लेकर इसको खत्म करें तो आप बहुत अच्छे बन सकते हैं।

24 फरवरी को भी रिलेशन पर बोले थे महाराज

पास्ट रिलेशन के बारे में बताएं या नहीं एक सत्संग के दौरान संत प्रेमानंद महाराज से एक महिला ने सवाल किया कि घर वालों की मर्जी से मेरी शादी हो गई है। क्या अपने शादी से पहले वाले संबंधों की सच्चाई पति को बता देनी चाहिए। इस तरह की समस्या से कैसे निपटें?

महिला के इस सवाल पर संत प्रेमानंद महाराज ने कहा- कोशिश करें, कोई बात न बताएं, क्योंकि इससे पति के प्यार में कमी आ जाएगी। अपनी बात, अपनी गलती को न बताएं। साथ ही भविष्य में भूलकर कभी ऐसी गलती भी न करें।

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लव मैरिज से रोका तो मां की हत्या की: कानपुर में मर्डर कर लाश के पास बैठा रहा, खुद पुलिस को फोन करके बुलाया

कानपुर में लव मैरिज करने से मना करने पर युवक ने मां की हत्या कर दी। उसने मां पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। इससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। महिला फतेहपुर की रहने वाली थी जो इलाज कराने के लिए कानपुर अपनी बेटी के घर पर रुकी थी। घटना हनुमंत विहार की है।

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