Bihar Bhumi scam – मुस्लिम परिवार के नाम रामजानकी मठ की करोड़ों की जमीन, जमाबंदी में नाम आते ही मचा हड़कंप, सरकार ने दिए जांच के आदेश

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Muzaffarpur – मुजफ्फरपुर में सकरा प्रखंड के जगदीशपुर बघनगरी स्थित रामजानकी मठ की करोड़ों रुपए की जमीन जहीर खां सहित गैर हिन्दूओं के नाम पर है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब जमीन की जमाबंदी से जुड़े दस्तावेज सामने आए। अब बिहार राज्य धार्मिक पर्षद के इसे अवैध ठहराने और ग्रामीणों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने डीएम को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, फदीरूल नट्ट, पिता-बंगाली नट्ट के नाम से रामजानकी मठ की चार डिसमिल जमीन बासगीत पर्चा के नाम से है। इनमें जहीर नट्ट, पिता-मो. बंगाली नट्ट के नाम से सात डिसमिल जमीन की जमाबंदी- मो. जहीर, पिता-मो. बंगाली के नाम से पांच कट्ठा 7.5 धूर जमीन की जमाबंदी कर दी गई है। अब्बास नट्ट, पिता-बंगाली नट्ट के नाम से चार डिसमिल बासगीत पर्चा पर जमीन है। मो. जहीद हुसैन, पिता-मो. बंगाली के नाम से पांच कट्टा 7.5 धूर जमीन की जमाबंदी है। इसकी बाद में बिक्री भी की गई। हसीना बेगम, पिता- मो. यूनूस एवं पति-मो. जहीर के नाम से 34.25 डिसमिल जमीन की जमाबंदी है। जमीन अपने नाम होने को लेकर जहीर खान का कहना है कि उनका परिवार से लंबे समय से मठ की देखभाल करता रहा है। इसलिए जमीन की जमाबंदी उनके नाम पर है।

धार्मिक न्यास परिषद के पास पहुंचा मामला

वहीं मामला सामने आने के बाद  करीब छह दर्जन ग्रामीणों ने बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को शिकायती पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि उक्त मठ की जमीन पर तीन भिन्न समुदाय के लोगों को जमीन दी गई है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। मठ में पूजा करने आने वालों को असुविधा होने की भी बात कही गई थी।


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धार्मिक न्यास परिषद के विरोध के बाद सरकार का गया ध्यान

इसपर संज्ञान लेते हुए पर्षद के तत्कालीन अध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन ने निर्देश जारी किया था। इसमें मठ की जमीन के जहीर खां व अन्य दो लोगों को दिए जाने महंत के सिद्धांत के विपरीत माना था। साथ ही दी गई जमीन को खाली कराने को कहा था। इसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन, अब सरकार ने इस पर ध्यान दिया और जांच के आदेश दिए कि आखिर कैसे मठ की जमीन गैर हिन्दूओं के नाम पर हो गई।

सीओ की जांच में एक ही परिवार के कई लोगों को मिली जमीन

अपर समाहर्ता ने सकरा के सीओ से जांच कराई। सीओ की रिपोर्ट में कहा गया कि मठ की जमीन गैर हिंदुओं के नाम से जमाबंदी की गई है। कई ऐसे लोगों के नाम से जमीन की जमाबंदी कर दी गई है जो मठ के सेवइत भी नहीं हैं। इसमें एक ही परिवार के लोग हैं। उनका नाम अलग-अलग तरीके से दिखाकर भी जमीन की जमाबंदी की गई है।

अब जिले के डीएम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।





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