अमित यादव (सौरभ) | कासगंज18 घंटे पहले
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कासगंज जिले की तीर्थ नगरी सोरों में पितृ पक्ष के दौरान विशेष तर्पण का आयोजन चल रहा है। भगवान वराह की मोक्ष स्थली के रूप में प्रसिद्ध सोरों में स्थित हरी की पैड़ी गंगा घाट पर 16 दिनों तक पितृ तर्पण होता है।
यहां देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु अपने पितरों का तर्पण करने आते हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। तर्पण के दौरान श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। इसके बाद भगवान वराह मंदिर में दर्शन और पूजा करते हैं।
भगवान वराह मंदिर के पुजारी नरेश चंद्र त्रिगुणायत के अनुसार, सोरों में तर्पण का विशेष महत्व है। यहां किया गया तर्पण गया, काशी और प्रयागराज से भी अधिक फलदायी माना जाता है। पितृ पक्ष के दौरान ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ तर्पण कराया जाता है।


तर्पण की प्रक्रिया करीब एक घंटे चलती है। इस दौरान लोग अपने पितरों को जलदान करते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इससे पितर तृप्त होते हैं। वे अपने पितरों से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस अवसर पर ब्राह्मण भोजन का भी आयोजन किया जाता है।
