Ladki Bahin Yojana eKYC: महाराष्ट्र सरकार के आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। लेकिन अब इस योजना का लाभ लेने वाली लाभार्थियों के लिए एक जरूरी खबर है। दरअसल, जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी नहीं पूरा होगा उन्हें महाराष्ट्र माझी लाडकी बहिन योजना की अगली किस्त नहीं मिलेगी।
इस तारीख तक करा लें ई-केवाईसी
महाराष्ट्र की महिला एंव बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि लाडकी बहिन योजना की लाभार्थी बहनों को जल्द से जल्द ई केवाईसी करा लें। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के जरिए कहा कि सभी बहने 18 नवंबर से पहले अपनी ईकेवाईसी जरूर कर लें। अगर ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई, तो आपके 1500 रुपये किस्त रुक सकती है।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर में इस योजना के लिए ‘ई-केवाईसी’ अनिवार्य कर दिया था, जिससे लाभार्थियों को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो महीने का समय मिल गया था और इस संबंध में एक सरकारी प्रस्ताव भी जारी किया गया था।
कल से आना शुरू हो जाएगा पैसा
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अक्टूबर महीने का मानदेय बुधवार से वितरित किया जाएगा और यह राशि सभी पात्र महिला लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे जमा की जाएगी। यानी, 5 नवंबर से लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में 1500 रुपये आने शुरू हो जाएंगे।
लाडकी बहिन योजना की ऐसे करें e-KYC
1.सबसे पहले ladakibahin.maharashtra.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
2.इसके बाद होमपेज पर eKYC पर क्लिक करें।
3.e-KYC फॉर्म में अपना आधार नंबर भरें, कैप्चा कोड डालें। इसके बाद ‘हां, मैं सहमत हूं’ चेकबॉक्स टिक करें और OTP भेजें बटन पर क्लिक करें।
4.इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल पर एक OTP आएगा। OTP डालकर सबमिट करें।
5.अब सिस्टम चेक करेगा कि आपका KYC पहले से हो चुका है या नहीं।
6.अगर पहले से पूरा है, तो स्क्रीन पर ‘eKYC पहले से ही हो चुका है’ मैसेज दिखेगा।
7.अगर अभी तक नहीं हुआ, तो सिस्टम देखेगा कि आपका आधार नंबर योजना की लिस्ट में है या नहीं।
8.अगर लिस्ट में है, तो अगला स्टेप खुल जाएगा और आप आगे बढ़ सकेगे।
पिछले साल शुरू हुई थी स्कीम
गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई महीने में राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। इस स्कीम तहत राज्य की 21 साल से लेकर 65 साल आयु वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। हालांकि, लाभार्थियों की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।



