Last Updated:
UP Winter Alert : इन दिनों हो रही लगातर बारिश से तापमान गिर रहा है. सुबह-शाम ठंडक बढ़ रही है. कई जगहों पर सुबह धुंध भी दिखने लगी है. मौसम वैज्ञानिकों के हिसाब से अक्टूबर के आखिर तक सर्दी दस्तक दे सकती है.
इस साल कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है.लखनऊ. अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग ने 8 अक्टूबर तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है. पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट है. आने वाले दिनों में तेज हवाओं की चेतावनी भी है. पश्चिमी यूपी में भी भारी बारिश की संभावना है और 6 अक्टूबर को ओलावृष्टि भी हो सकती है. लगातार हो रही बरसात की वजह से अब मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है. दिन का तापमान धीरे-धीरे गिर रहा है और सुबह-शाम ठंडक बढ़ रही है. कई जगहों पर सुबह के समय धुंध भी दिखाई देने लगी है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अक्टूबर के आखिर तक हल्की ठंड दस्तक दे देगी और इसके बाद सर्दी का असर लगातार तेज होता जाएगा.
मौसम विशेषज्ञ प्रो. ध्रुव सेन ने बताया कि पिछले कुछ सालों से मौसम का व्यवहार असामान्य रहा है. इस बार भी बारिश अनिश्चित और असामान्य रही. अब ला नीना (La Nina) सक्रिय होने जा रहा है, जिससे उत्तर भारत में ठंड सामान्य से कहीं ज्यादा होगी. ला नीना के कारण ठंडी हवाएं लंबे समय तक चलेंगी, दिन छोटे होंगे और धूप भी कम समय के लिए मिलेगी. पहाड़ों पर भारी बर्फबारी की संभावना है, जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों में पड़ेगा. दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत पूरे उत्तर भारत को इस बार की सर्दी कड़ी चुनौती दे सकती है. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 2025-26 की सर्दी सामान्य से कहीं ज्यादा ठंडी, लंबी और मुश्किल भरी हो सकती है.
कैसे बनता है ला नीना?
ला नीना तब बनता है जब प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ठंडा हो जाता है. इससे हवाओं और जेट स्ट्रीम में बदलाव आते हैं, जो पूरी दुनिया के मौसम को प्रभावित करते हैं. अमेरिका के क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर (CPC) के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर के बीच ला नीना बनने की 71% संभावना है, जबकि दिसंबर से फरवरी के बीच इसके बने रहने की संभावना 54% तक है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी अनुमान जताया है कि अक्टूबर-दिसंबर के दौरान ला नीना बनने की संभावना 50% से ज्यादा है. पंजाब के IISER मोहाली और ब्राजील के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च की स्टडी में भी पाया गया कि ला नीना के दौरान उत्तर भारत में ठंडी हवाएं ज्यादा देर तक चलती हैं और शीतलहर लंबी अवधि तक रहती है. यानी इस बार की सर्दी न केवल जल्दी दस्तक देगी बल्कि सामान्य से कहीं ज्यादा कड़ाके की, लंबी और मारक भी होगी.

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu… और पढ़ें
