ड्रग्स केस में बिक्रम मजीठिया गिरफ्तार, घर पर छापे के पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन – Big action by Vigilance in Punjab drugs case Bikram Majithia arrested after raid ntc

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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया के अमृतसर स्थित आवास पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया है. विजिलेंस ने ये कार्रवाई युद्ध नशे के विरुद्ध (नशा विरोधी अभियान) के तहत पंजाब पुलिस और विजिलेंस के संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसमें पूरे पंजाब में 25 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें से मजीठिया से जुड़े अमृतसर के 9 ठिकाने शामिल थे.

वहीं, पुलिस और विजिलेंस की इस कार्रवाई को लेकर के बाद पूरे राज्य में सियासी घमासान मच गया है. आम आदमी पार्टी के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपनी ही सरकार को घेरते हुए छापेमारी की आलोचना की है और छापेमारी को अनैतिक, परिवार की गरिमा के खिलाफ बताया है. 

दरअसल, बुधवार सुबह पंजाब पुलिस और विजिलेंस ने नशा विरोधी अभियान के तहत पूरे पंजाब में 25 जगहों पर छापेमारी की थी, जिसमें बिक्रम मजीठिया का अमृतसर स्थित आवास और उनसे जुड़े 9 ठिकाने भी शामिल थे. मजीठिया ने इस कार्रवाई राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि मेरी आवाज को दबाने के लिए ये कार्रवाई हो रही है, लेकिन सरकार मेरी आवाज दबा नहीं पाएगी.

AAP नेता ने अपनी ही सरकार को घेरा

AAP के अमृतसर उत्तर के विधायक कुंवर विजय प्रताप ने इस छापेमारी की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘किसी परिवार की गरिमा का सम्मान करना चाहिए, चाहे वह धन, स्थिति या राजनीतिक संबद्धता से कोई भी हो. सुबह के वक्त किसी के घर पर छापेमारी करना नैतिक रूप से उचित नहीं है.’

उन्होंने ये भी कहा कि मजीठिया के साथ उनके वैचारिक मतभेद हैं, लेकिन जब मजीठिया को कांग्रेस सरकार के दौरान जेल में डाला गया था, तब भगवंत मान सरकार ने न तो उनकी रिमांड मांगी और न ही उनसे पूछताछ की, बल्कि उनकी जमानत का समर्थन किया था.

कुंवर विजय प्रताप ने आगे कहा, ‘अब नोटिस जारी करके और छापेमारी करके घर की महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है. यह राजनीति से आगे बढ़कर नैतिकता, सिद्धांत और बुनियादी मानवीय शालीनता का मामला बन गया है.’

‘कितना बड़ा नेता हो उसे बख्शा नहीं जाएगा’

बिक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि संदेश साफ है कि कोई कितना बड़ा नेता हो उसे बख्शा नहीं जाएगा जो मंत्री रहते हुए अपनी गाड़ियों में इंटरनेशनल ड्रग्स डीलर्स को बैठा कर घूमते थे.उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा.

उन्होंने कहा कि पंजाब में भगवंत मान सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उससे लगता है कि अगले चुनाव में AAP 100 का आंकड़ा पार कर जाएगी.
 

मेरी आवाज दबाने की हो रही है कोशिश: मजीठिया

छापेमारी के बाद मजीठिया ने कहा, ‘मेरी आवाज दबाने के लिए विजिलेंस द्वारा कार्रवाई की जा रही है, मंगलवार रात को विजिलेंस ने एक FIR दर्ज की और आज (बुधवार) मेरे अमृतसर के घर में जबरन घुस आए. ये आय से अधिक संपत्ति का झूठा केस है, जिसकी लड़ाई लड़ी जाएगी.

उन्होंने ये भी कहा, ‘मैंने सभी बहुत पहले ही बताया था कि जब भगवंत मान सरकार को मेरे खिलाफ झूठे ड्रग केस में कुछ नहीं मिला तो  वह मेरे खिलाफ नया झूठा केस दर्ज करने की तैयारी हो रही है. आज विजिलेंस के SSP के नेतृत्व में एक टीम ने मेरे यहां छापा मारा है. भगवंत मान… ये समझ लीजिए, आप चाहे जितने भी कागज दे दीजिए, न तो मैं डरूंगा और न ही आपकी सरकार मेरी आवाज दबा सकती है.’

उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा पंजाब के मुद्दों पर बात की है और आगे भी करता रहूंगा. मुझे पूरा भरोसा है कि अंत में जीत सत्य की होगी.

पहले भी गिफ्तार किए जा चुके हैं राजनेता

बता दें कि ये कोई पहला मामला नहीं है नशीले पदार्थ केस से जुड़े मामले में राजनेता को गिरफ्तार किया गया है. बिक्रम मजीठिया से पहले पिछले साल अक्टूबर में एक पूर्व विधायक सतकार कौर (जो फिलहाल बीजेपी नेता हैं) और उनके ड्राइवर जसकीरत सिंह को मोहाली के खरड़ इलाके से 100 ग्राम हेरोइन बेचने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने आरोपियों पास से चार वाहन समेत दिल्ली-हरियाणा की कई रजिस्ट्रेशन प्लेटें भी बरामद की हैं. इन वाहन का इस्तेमाल मादक पदार्थ आपूर्ति रैकेट में किया जा रहा था. 

इससे पहले साल 2014 में पंजाब के पूर्व डीजीपी (जेल) शशिकांत ने नशीले पदार्थों की तस्करी को संरक्षण देने वालों की एक लिस्ट तैयार की थी, जिसमें छह नामों का खुलासा किया था. इसमें तत्कालीन अकाली-बीजेपी गठबंधन सरकार के दो मंत्री शामिल थे.



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