Chaiti Chhath Puja 2025,बिहार- झारखंड में चैती छठ महापर्व की धूम, गंगा घाटों पर उमड़े श्रद्धालु, अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य – chaiti chhath festival devotees gathered at the ganga ghat and offered prayers to the setting sun

0
24
Advertisement


पटना/ रांची: औरंगाबाद के देव में छठ पूजा का माहौल है। श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने सूर्यकुंड में डुबकी लगाई और सूर्यदेव को नमन कर किया। देव में छठ पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने वालों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। जिला प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने में लगा है। चैती छठ को लेकर देश भर से यहां श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने यहां छठ व्रत किया। अर्घ्य देने के बाद व्रती सूरजकुंड से त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर तक दंडवत करते हुए गए। औरंगाबाद जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर सूर्य स्थली देव में त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर है। यह अद्भुत स्थापत्य और अद्वितीय शिल्प कला का उत्कृष्ट नमूना है।

नालंदा में चैती छठ

नालंदा में चैती छठ महापर्व धूमधाम से मनाया गया। तीसरे दिन, श्रद्धालुओं ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने परिवार की खुशहाली की कामना की। बड़गांव और औगारी धाम में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। जिला प्रशासन ने छठ व्रतियों के लिए कई इंतजाम किए थे। बड़गांव और औगारी धाम में श्रद्धालु चार दिनों तक रहकर सूर्य भगवान की पूजा करते हैं। जिला प्रशासन ने उनके रहने के लिए पंडाल लगाए थे. घाटों की सफाई भी कराई गई थी। आने-जाने की व्यवस्था भी की गई थी। बिहार शरीफ के बाबा मणिराम अखाड़ा, मोरा तालाब, सोहसराय सूर्य मंदिर और कोसुक जैसे अन्य छठ घाटों पर भी छठ की रौनक देखने को मिली। हर जगह छठ की छटा बिखरी हुई थी।

नवादा में चैती छठ

बिहार के नवादा में सूर्य देवता और छठी मैया को समर्पित छठ पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह लोक आस्था का महापर्व है। यह त्योहार चार दिनों तक चलता है। इसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है। आखिरी दिन उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ यह समाप्त होता है। छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जा रहा है। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा जीवन के परम सत्य से जुड़ी है। छठ पर्व में सूर्य भगवान की पूजा की जाती है। लोग नदियों और तालाबों में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। ऐसा माना जाता है कि सूर्य जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं। सूर्य और नदियां, दोनों के बिना धरती पर जीवन संभव नहीं है। इसलिए लोग नदी या घाट पर खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। अगर नदी या घाट पर जाना संभव नहीं है, तो लोग किसी बर्तन में पानी भरकर भी सूर्य को अर्घ्य दे सकते हैं।

आरा में चैती छठ

पूरे बिहार में चैती छठ की धूम रही। लोग भगवान सूर्य की पूजा किए। भोजपुर जिले के उदवंत नगर में बेलाउर के मौनी बाबा सूरज मंदिर धाम में भारी भीड़ रही। छठ करने वाले लोग भगवान सूर्य को जल दिया। मन्नत पूरी होने पर दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। जिले के सूर्य मंदिर घाटों पर भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। सुरक्षा के लिए SDRF की टीम तैनात है। मंदिर ट्रस्ट ने भी सुरक्षा के लिए लोगों को लगाया है। हर तरफ छठ पूजा की धूम है।

साहेबगंज में चैती छठ की धूम

साहेबगंज में चैती छठ का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह झारखंड का एकमात्र जिला है जहां गंगा नदी उत्तर की ओर बहती है। इसलिए गंगा किनारे होने वाले इस पर्व का महत्व और भी बढ़ जाता है। आज चैती छठ के अवसर पर साहेबगंज के गंगा घाटों पर व्रत रखने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने मुक्तेश्वर नाथ धाम घाट, बिजली घाट, मदनमोहन मालवीय घाट, गंगेश्वर नाथ धाम घाट ओझा टोली और जनता घाट जैसे स्थानों पर सूर्य देव और छठी मैया को अर्घ्य दिया।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

16 + thirteen =