मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 10-11 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए और हल्की बारिश हुई है। 12-13 जनवरी को घना कोहरा छाने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, 15-16 जनवरी से प्रदेश में एक और नया सिस्टम के एक्टिव होने
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मौसम में बदलाव का एक बड़ा असर यह रहा कि जिले में शनिवार को अधिकतम व न्यूनतम दोनों तापमान में महज 2.2 डिग्री सेल्सियस का ही अंतर रह गया। वहीं अधिकतम तापमान 11.2 डिग्री कम होकर 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा, न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री बढ़कर 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर श्रीगंगानगर जिले में शनिवार को हुई मावठ ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कृषि क्षेत्र में शनिवार दोपहर 2 बजे से रात तक हल्की बारिश रबी फसलों के लिए अमृत के समान साबित होगी। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के संपूर्ण भूभाग पर शनिवार सुबह से मावठ का दौर जारी है।
दिनभर बरसती रही बूंदों ने 12 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बोई रबी फसलों को जीवनदान दे दिया है। कृषि विभाग के अनुसार श्रीगंगानगर जिले में 7 लाख 37 हजार 486 हेक्टेयर और हनुमानगढ़ में 5 लाख 32 हजार 990 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई सरसों, चना, तारामीरा, गेहूं, जौ, हरा चारा और सब्जियों को इस मावठ से बहुत लाभ होगा।
खेतों में नमी : यह हल्की मावठ भी फसलों के लिए फायदे भरी रहेगी। क्योंकि इससे खेतों में नमी हो जाएगी और बूंदें हल्की गिरने से वह पौधों के पोषण प्रदान करेगी। अगर कुछ तेज पानी बरस जाए, तो असिंचित क्षेत्र की फसलों को जीवनदान मिल जाएगा। बढ़वार होने से उत्पादन: मावठ से पत्तों पर जमा जहर साफ होने से पत्ते साफ हो गए। वहीं फसलों में पानी मिलने से बढ़वार और उत्पादन अच्छा होगा। गाजर व किन्नू में मिठास: मावठ से गाजर व किन्नू में मिठास होगी। फल की गुणवत्ताा भी अच्छी होगी। इससे उत्पादन भी अच्छा होगा।



