1997 के बाद दिसंबर में सबसे ज्यादा बारिश
इतना ही नहीं पूरे दिसंबर के दौरान भी 1997 के बाद से अब तक सबसे अधिक बारिश इस दिसंबर हो चुकी है। मौसम विभाग और एक्सपर्ट के अनुसार दरअसल इस बारिश की वजह एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन रहा। इन दोनों सिस्टम की वजह से नॉर्थ और सेंट्रल इंडिया में नमी बढ़ी और बारिश हुई। मौसम विभग के अनुसार दिसंबर में सामान्य तौर पर राजधानी में 8.1 एमएम बारिश होती है। लेकिन एक ही दिन में इतनी अधिक बारिश असामान्य है। 24 घंटे में ही पूरे महीने होने वाली बारिश से पांच गुणा अधिक बारिश हुई।
क्यों बदल गया मौसम का मिजाज?
IMD के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव रहा। इन्हें कुछ अन्य फैक्टर का साथ भी मिला। दिल्ली में नवंबर और दिसंबर में सबसे कम बारिश होती है। इन दोनों महीने में दिल्ली में बारिश सिर्फ वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव की वजह से होती है। लेकिन इस बार दो अलग-अलग मौसमी सिस्टम ने एक दूसरे की ताकत बढ़ाने का काम किया। अब एक जनवरी को एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, लेकिन यह कमजोर रहेगा और इसकी वजह से दिल्ली में बारिश की संभावना काफी कम है।
आज कैसा रहेगा मौसम?
शनिवार को पूरे दिन घने बादल छाए रहे। धूप बिल्कुल नहीं निकली। इसकी वजह से दिन में कंपकंपाने वाली ठंड का सामना लोगों को करना पड़ा। अधिकतम तापमान 15.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से पांच डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री रहा। यह सामान्य से 6 डिग्री अधिक रहा। हवा में नमी का स्तर 98 से 100 प्रतिशत रहा। पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। स्मॉग और घना कोहरा रहेगा। कुछ जगहों पर अति घना कोहरा भी रह सकता है। आसमान साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 9 डिग्री रह सकता है। 30 और 31 दिसंबर को मौसम साफ रहेगा। कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 6 से 7 डिग्री रह सकता है। 1 से 3 जनवरी तक राजधानी में मौसम साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 20 से 23 और न्यूनतम 7 से 9 डिग्री तक रह सकता है।
यह है कोहरे के ऑरेंज अलर्ट का मतलब
- हाईवे और रेल रूट काफी अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
- गाड़ी चलाने में परेशानी हो सकती है और जर्नी टाइम सामान्य से अधिक रह सकता है।
- घने कोहरे की वजह से प्रदूषक तत्व लोगों को परेशान कर सकते हैं और उन्हें कफ, सांस की परेशानी, आंखों की परेशानी और लालीपन हो सकती है।
यह है सुझाव
- ड्राइव तब तक न करें जब तक बहुत जरूरी न हो।
- फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और गति धीमी रखें।
- किसी भी ट्रांसपोर्ट से जाते समय अलर्ट रहें।
- स्टेशन या एयरपोर्ट निकलने से पहले रेलवे और एयरलाइंस से संपर्क कर लें।
- आउटिंग से बचें और अपने मुंह को कवर कर रखें।



