Unseasonal rains have devastated the farmers of Begusarai – hard work, debt and hope all washed away, see the ground report. 

Date:

- Advertisement -


बेगूसराय: इस साल बेगूसराय में धान की खेती किसानों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं रही. लगातार तीन दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने जिले के धान उत्पादक किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

लोकल 18 के माध्यम से देख सकते हैं कि खेतों में खड़ी फसल गल चुकी है, कई जगहों पर पानी भर गया है. किसानों की मेहनत, लगाई गई पूंजी और सपने सब बर्बादी की तस्वीर बन चुके हैं. लोकल 18 की टीम ने जब बेगूसराय के विभिन्न गांवों का दौरा किया, तो हर ओर सिर्फ चिंता और हताशा नजर आई. तस्वीरें मंझौल अनुमंडल इलाक़े के खेतों की है पर कहानी मुंगेर प्रमंडल के किसानों के ऐसी ही है जिसकी ग्राउंड रिपोर्ट आपको हिला के रख देंगी.

खेत में जम गया है धान

किसान रामसागर साव ने बताया, सब धाम जम गया. सामने में देख लीजिए क्या हालत है. अब मेहनत का फल ऊपर नहीं हो पाएगा. एक बीघा में 20 से 25 हजार रुपये की लागत लगी थी पर अब कुछ नहीं बचा. वहीं, रिंकू देवी की आंखों में चिंता साफ झलक रही थी उन्होंने लोकल 18 से कहा, कर्जा लेकर धान लगाया था. सब गल गया. बाल-बच्चा क्या खाएगा और क्या महाजन को देंगे. किसानों का कहना है कि अब सरकार से मुआवजे की उम्मीद ही आखिरी सहारा है.

हजारों एकड़ फसल बर्बाद

युवा किसान अभिनंदन ने बताया कि उनका इलाका में कुल खेत करीब 40 बीघा है, जिसमें 30 बीघा में धान की खेती होती है. उन्होंने कहा, बेगूसराय के किसानों की आजीविका का साधन धान ही है. लेकिन बे मौसम बरसात ने हजारों एकड़ फसल चौपट कर दिया है. जीविका से जुड़ी भगवती देवी ने बताया कि उन्होंने संस्था से 10 हजार रुपये कर्ज लेकर खेती की थी. इस बार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई.अब कैसे भरपाई होगी इसकी चिंता सता रही है.

इधर दिनेश कुमार ने बताया कि डेढ़ बीघा में धान लगाया था, लेकिन सब गल गया. पहले एक बीघा में 20 से 25 क्विंटल उत्पादन होता था, अब मुश्किल से 5 से 7 क्विंटल ही निकला. युवा किसान निशांत कुमार का भी कहना है कि तीन बीघा में धान की खेती की थी, लेकिन इस बार 30 हजार रुपये की आमदनी भी मुश्किल लग रही है.

सरकार से मदद की उम्मीद

कुल मिलाकर बेगूसराय के खेतों में इस समय सिर्फ गला हुआ धान का फसल है. कई किसानों ने खेतों से गले हुए फसल को निकाल तक नहीं लेकिन इन किसानों की मांग है की फसलों की जांच हो, इधर डीएम ने अबतक किसानों के लिए कोई भी लाभकारी प्रयास नहीं किया है. किसानों की मेहनत की फसल अब मुआवजे की उम्मीद पर टिकी है .किसान एक सुर में कह रहे हैं अगर सरकार मदद नहीं करेगी, तो अगली खेती कैसे करेंगे.



Source link

- Advertisement -

Top Selling Gadgets

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

four × one =

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Marathon dev Bungie thinks you’re getting too much loot, and it wants to change that

Bad news, Marathon fans, we're all too rich....

The Lost Adventures codes (June 2026)

These new The Lost Adventures codes should serve...

Top Selling Gadgets